मातृभाषा -
उसने पूछा - मैं क्या हूँ तुम्हारी ?
मैंने कहा - मातृभाषा !
- हिंदी दिवस पर
सबसे ख़ूबसूरत -
वह सबसे ख़ूबसूरत
कलाकृति है
सृष्टि की !
चुप होना ! -
उसका चुप होना
लगता है मानो
धरती का रुक जाना !
रंग सी है -
वह ज़िन्दगी के
कैनवास में
ख़ुशी के एक रंग सी है !
उसकी बातें -
उसकी बातें
सरस लोकगीत के
मानिन्द लगती है !
क्षितिज तक -
मै तुम्हारे साथ क्षितिज के
उस ओर जाना चाहता हूँ
या न्यूनतम क्षितिज तक
क्षितिज मतलब
जहाँ धरती और आकाश
मिले हुए होते है
या प्रतीत होते है
-मनीष के. सिंह
https://kalpkatha.blogspot.
सुंदर
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