Friday, August 28, 2026

813 ...ये अवसाद भी न क्या कुत्ती चीज है

सन्नाटा



ये अवसाद भी न 
क्या कुत्ती चीज है

अवसाद , सन्नाटा .. 
अधजगी रातें

कान में बजती अनगिनत बेगैरत आवाज़ें
और टूटता तिलिस्म

कविता 
हमेशा कविता नहीं होती है

वह suicide note लिखने का अभ्यास भी हो सकती है

या ऱोज जीते - जी मरने का 
हलफ़नामा भी

कुछ कह भी तो नहीं
कह सकते

-दिग्विजय

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