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Saturday, October 13, 2018

10...फितरत और फुरसत से साहित्य भी नहीं बनता है

दस नम्बरी प्रस्तुति
सादर अभिवादन.....

नवरात्रि का चौथा दिन
लगता है दीपावली करीब ही है
ऐसे मे छठ माई (सूर्य छठ) को नहीं न भूल सकते

ख्याल रखिए..बस आ ही गई छठ
छठ (पर्व) व्रत पूजा विधि और कथा

जानिए छठ पूजा कैसे करें,  2018 छठ पूजा की तारीख, इतिहास,
उत्पत्ति, छठ पूजा की कथा..सूर्य देव के पूजन व अटल आस्था का
महापर्व निर्जला व्रत छठ पर्व की शुरुआत रविवार, 11 नवंबर 2018, को नहाने और खाने से हो जाएगी। सोमवार, 12 नवंबर 2018, को छोटी छठ (खरना) के साथ 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा। मंगलवार, 13 नवंबर 2018 संध्या अर्घ्य का दिन है जो की संध्या पूजन के रूप में भी जाना जाता है। बुधवार, 14 नवंबर 2018 की सुबह अर्घ्य और पारन या उपवास के पूरा होने का दिन है।


विषमता जीवन की....समाज का कटु सत्य

ऊंची-ऊंची अट्टालिकाओं के समक्ष
बनी ये झुग्गियां
विषमता का देती परिचय
मारती हैं तमाचा समाज के मुख पर
चलता है यहां गरीबी का नंगा नाच
भूखे पेट नंगे तन
भटकता भारत का भविष्य
मांगता जीवन की चंद खुशियां


‘मी टू...आज मीडिया जिसे उछाल रहा

हमारी लड़कियों को, हमारे लड़कों को, यौन-शोषण का शिकार होने से बचने के लिए ख़ुद दुर्गा का अथवा शंकर का रूप धारण करना होगा. साहस और आत्म-शक्ति से ऐसी अधिकांश घटनाओं को रोका जा सकता है.
समाज का दायित्व है कि वह यौन-शोषण की पीड़िता को (अथवा पीड़ित को) हिकारत की नज़र से अथवा उपहास की दृष्टि से न देखे.
मीडिया को यौन-शोषण की घटनाओं को अपने फ़ायदे के लिए प्रकाश में लाने के लालच से बचना चाहिए.
और सबसे बड़ी बात यह कि यौन-शोषण करने वालों को यह सोचना चाहिए कि इस ‘मी टू’ के दायरे में कभी उनकी अपनी बहन, अपनी बेटी और अपना बेटा भी आ सकता है.    


अब दुर्गा माता नाराज नहीं होती...!!!


कुछ साल बाद...
अब मम्मी जी से काम नहीं होता। अत: किसी भी त्योहार में पूजा की तैयारी भी मैं ही करती हूं। नाश्ते में सुबह क्या बनना हैं यह मैं पहले दिन रात को ही सोच लेती हूं और उसी के अनुसार थोड़ी सी तैयारी कर के रख देती हूं। मैं ने कोयले की बजाय गोबरी से ज्योत लेना शुरु कर दिया। कोयले की तुलना में गोबरी जल्दी सुलग जाती हैं और वैसे भी पूजा-पाठ आदि में गोबर को ज्यादा शुद्ध माना जाता हैं। मैं वक्त से पहले बराबर गोबरी सिलगने हेतु रख देती हूं। परिणाम: जब सब ज्योत लेने बैठते हैं, तो गोबरी अच्छे से सिलगने से ज्योत जल्दी आ जाती हैं! इस तरह अब दुर्गा माता मुझ से हरदम प्रसन्न रहती हैं और मुझ से कभी नाराज नहीं होती!!!

कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है..

इस तपोस्थली विंध्य क्षेत्र से तुम क्या लेकर प्रस्थान करोंगे। एक विचित्र सी व्याकुलता इस शक्ति साधना पर्व पर मेरे मन में बनी हुई है। कहाँ- कहाँ से लाखों लोग जिनमें संत से लेकर भिक्षुक  तक हैं, यहाँ आये हुये हैं। लेकिन, मेरा एक प्रश्न है महामाया के दरबार में आये इस पुरुष समाज से कि इनमें से कितनों ने अपनी अर्धांगिनी में देवी शक्ति को ढ़ूंढने का प्रयास किया अथवा उसे हृदय से बराबरी का सम्मान दिया..? शिव ने अर्धनारीश्वर होना इसलिये तो स्वीकार किया।  पुरुष का पराक्रम और नारी का हृदय यह किसी कम्प्यूटर के हार्डवेयर और साफ्टवेयर की तरह ही तो है। एक दूसरे से है, इनका अस्तित्व।



चलते-चलते एक गीत...

हद पार इश्क
आओ ना
बातें करें
कुछ इसकी 
कुछ तेरे दिल की 
खुल कर-
जैसे गहराई से
सच्चाई आती है,
कुछ इशारों में हो-
छुपम छुपाई सी बाते

आज फुरसत में हैं डॉ. सुशील जी जोशी
कल रविवार जो है....


फुरसत से 
कभी फुरसत 
लिख लेने का 

मगर 
फुरसत है 
कि मिलती 
ही नहीं है कभी 
फुरसत से

फुरसत की 
फितरत में 
नहीं होती है 
फुरसत 

फितरत 
मतलब 
सयानापन 



आज अब बस
यशोदा