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Saturday, October 10, 2020

504 ..वो दिया बनूँ जो तुम्हारे राह का उजाला बने

सादर अभिवादन
आज एतिहासिक दिन
10 10 20 20
अजीब इत्तिफाक है कि हमारा कम्प्यूटर खराब हो गया है
सो आज की प्रस्तुति इस स्टाईल में

शुरु करते हैं एक नए ब्लॉग से
वो दिया बनूँ जो
तुम्हारे राह का उजाला बने।
वो पैर बनूँ जो
तुम्हारे संघर्ष का छाला बने।
हर दिन हर पल मैं तुम्हारी
मुस्कुराहट की वजह बनूँ
-"सधु चन्द्र"