स्नेहाभिवादन !
आज की सांध्यकालीन प्रस्तुति में
आप का स्वागत है --
आज की सांध्यकालीन प्रस्तुति में
आप का स्वागत है --
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देखिए
इस नन्हें बालक की
मुस्कुराहट को
नज़र आएगी एकप्यारी सी मुस्काती कविता….
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देखिए
इस नन्हें बालक की
मुस्कुराहट को
नज़र आएगी एकप्यारी सी मुस्काती कविता….
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समाई हुई हैं इसी जिन्दगी में…
यशोदा अग्रवाल
देखिए इस नन्हें बालक
की मुस्कुराहट को
नज़र आएगी एक
प्यारी सी
मुस्काती कविता....
दिखने वाली
सभी कविताएँ
जिनमें..
हर्ष है और
विषाद भी है
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लिखना जरूरी है
सारा बही खाता हिसाब

लिखना
जरूरी है
तरन्नुम
में मगर
ठगे
जाने का
सारा
बही
खाता हिसाब
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फाइनली हम पणजी में थे.
खिड़की का पर्दा हटाया तो सामने समन्दर
मुस्कुराता मिला.जैसे वो मेरे सब्र का इम्तिहान ले रहा हो.
मुस्कुराता मिला.जैसे वो मेरे सब्र का इम्तिहान ले रहा हो.
शाम करीब थी और समन्दर सामने.
मैं लहरों का
उछाल देख पा रही थी,
उछाल देख पा रही थी,
आवाज सुन पा रही थी बस हाथ बढ़ाने की देरी
थी...
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पतंग
दुकानों में सजी पतंगें
बहुत ललचाती हैं,
पर उनसे ज़्यादा ललचाती हैं
वे पतंगें,जो कट जाती हैं.
ऐसी पतंगों के पीछे
लोग पागल हो जाते हैं,
उन्हें पाने के लिए
दौड़ते हैं, झगड़ते हैं.
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... डॉ. वर्षा सिंह

आज़ादी के गीत हमेशा गाएंगे ।
अपना प्यारा परचम हम लहराएंगे
संघर्षों के बाद मिली जो आज़ादी ,
उसका हम इतिहास सदा दोहरायेंगे ।
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शुभ संध्या
अनीता सैनी
